पहले गृह मंत्री अमित शाह,फिर प्रधानमंत्री मोदी और मई के आखिरी सप्ताह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के चुनावी बिगुल फूंकने के बाद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उत्तराखण्ड दौरे ने विधानसभा चुनाव की तपिश को कई गुना बढ़ा दिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी चार व पांच जून को अल्मोड़ा,पौड़ी और देहरादून से भाजपा की हैट्रिक की कोशिश को विफल करने की कोशिश करेंगे। बीते दिनों मोदी-शाह और नितिन नबीन ने मैदानी इलाके देहरादून और हरिद्वार से ही चुनावी रणभेरी बजायी। जबकि राहुल गांधी पर्वतीय इलाके व दून घाटी से भाजपा को निशाने पर लेंगे।

करो या मरो की स्थिति से जूझ रही कांग्रेस के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव अस्तित्व का सवाल बन गया है। 2017 व 2022 में भाजपा से शिकस्त खा चुकी कांग्रेस के लिए 2027 का चुनाव जीवन मरण का भी प्रश्न बन गया है।अगर , भाजपा ने हैट्रिक मार दी तो कांग्रेस के फिर से राजनीति के अखाड़े में खड़े रहना ही मुश्किल हो जाएगा।
इन्हीं राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने नवंबर 2025 में ही गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह व हरक सिंह को चुनावी मोर्चे से जुड़ी अहम जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस फैसले ने चुनाव को लेकर कांग्रेस की गम्भीरता को भी स्पष्ट कर दिया था।राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे में गढ़वाल-कुमाऊं के अलावा दून के मैदान से भाजपा पर प्रहार कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चुनावी जंग जीतने का मंत्र देंगे।

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