केदारनाथ, यमुनोत्री, हेमकुंट साहिब और आदि कैलाश यात्रा पर नई व्यवस्था यात्रा मार्गों की वहन क्षमता तय, सीमित संख्या में ही होंगे पशु संचालित केदारनाथ में अधिकतम 5000, हेमकुंट में 1050 और यमुनोत्री में 595 पशुओं को अनुमति सभी अश्ववंशीय पशुओं का पंजीकरण, हेल्थ टेस्ट और माइक्रोचिपिंग अनिवार्य अपंजीकृत पशुओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध बीमार, घायल या ओवरलोड पशुओं से काम लेने पर होगी सख्त कार्रवाई पशु क्रूरता पर लाइसेंस निरस्त, ब्लैकलिस्ट और FIR दर्ज होगी सूर्यास्त के बाद और खराब मौसम में पशु संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित यात्रा मार्गों पर 24×7 पशु चिकित्सालय, हेल्पलाइन और म्यूल टास्क फोर्स तैनात होगी Post Views: 7 Post navigation प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, गर्मी से मिलेगी राहत उत्तराखंड में राष्ट्रीय लोकदल का बड़ा दांव, 2027 के लिए तैयार किया यह खास प्लान